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18 May 2011

कल तक ख़बरों में पढ़ा करते थे आज अपने घर पर भी बीत गई.

इतवार की रात एक कैब में लिफ्ट लेने के बाद भाई पर घेर कर हमला किया गया और सबकुछ लूट लिया. पी सी आर वेन के सामने से गुजरने और मदद के लिये आवाज़ देने पर भी कोई मदद नहीं मिली. अपनी ही सोसाइटी के सामने की सड़क से ले जाकर कोई २० किलोमीटर दूर फेंक कर गाड़ी पीछे कर उनके पैर पर चढाने की कोशिश भी की गई. भाई तो अँधेरे में भी किसी तरह फुटपाथ पर कूद कर बच गए और चोटिल हालत में बिना मदद मिले आधी रात में पैदल घर पहुंचे. घर में सभी ने शुक्र मनाया कि उन गुंडों ने जान बख्श दी.

एन सी आर में रहने वालों के साथ जब पुलिस ऐसा बर्ताव करती है तो बाकी जगहों का क्या हाल होगा, सोच कर रूह कांपी जा रही है.

दोस्तो, बहुत संभल कर रहिये!! कोई पुलिस-वुलिस नहीं है यहाँ. सब 'राम भरोसे हिन्दू होटल' वाला आलम है!!

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