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02 September 2010

आज

उम्मीदों को तान कर हौसलों की परवान पर, कल का न करें भरोसा आज के आगाज़ पर. आज को संवार लिया तो कल सज ही जायेगा, कोई नया सपना न देख अब जो देखा उसे सच कर!

4 comments:

  1. हिन्दी ब्लॉग की दुनिया में आपका स्वागत है.. निवेदन है कि ऐसे ही शानदार पोस्ट लिखकर हिन्दी की सेवा करते रहिये. शब्द पुष्टिकरण(word verification) हटा लीजिये इससे पाठकों को काफी असुविधा होती है..

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  2. इस सुंदर से नए चिट्ठों के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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  3. पाटली जी, दीपक जी, सुरेन्द्र जी, अजय जी और संगीता जी, सबसे पहले मैं आप सब का तहे दिल से धन्यवाद करती हूँ कि आप सब ने बहुमूल्य समय खर्च कर मेरे ब्लॉग पर समय और ध्यान दिया. और सभी मित्रजनों को उनकी बहुमूल्य सलाहों के लिए भी शुक्रिया!!
    ऐसे ही मेरे टूटे-बिखरे शब्दों-विचारों को समझते और सराहते रहिये. सभी पाठकों का भी स्वागत और धन्यवाद!!!
    अजय जी आप की सलाह पर अमल करने की कोशिश करूंगी!

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