Pages

Followers

02 September 2010

आज

उम्मीदों को तान कर हौसलों की परवान पर, कल का न करें भरोसा आज के आगाज़ पर. आज को संवार लिया तो कल सज ही जायेगा, कोई नया सपना न देख अब जो देखा उसे सच कर!